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Team SH
Published on
July 1, 2025Watch this video in
Atrial Fibrillation (AF या AFib) एक गंभीर अरिदमिया (Arrhythmia) है जिसमें दिल के ऊपरी चैंबर (Atria) अनियमित और बहुत तेज़ गति से धड़कते हैं। इसका असर पूरे दिल की कार्यक्षमता और शरीर में रक्त प्रवाह पर पड़ता है, जिससे Stroke और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। 🫀 Atrial Fibrillation में क्या होता है? - Atria में electrical signals तेज़ और असामान्य रूप से फायर करते हैं - Ventricles (नीचे वाले चैंबर) को भी अनियमित संकेत मिलते हैं इससे दिल की धड़कन बेहद तेज़, अनियमित और अस्थिर हो जाती है 🔍 AF के मुख्य कारण: - हाई ब्लड प्रेशर - कोरोनरी आर्टरी डिजीज - हार्ट वॉल्व की समस्या - थायरॉयड विकार - बहुत ज़्यादा शराब या कैफीन - हार्ट सर्जरी के बाद 📉 लक्षण (Symptoms): - तेज़, धड़कती हुई या अनियमित धड़कन (palpitations) - चक्कर आना या कमजोरी - सांस फूलना - थकान - कभी-कभी सीने में दर्द या बेचैनी 🩺 जांच कैसे होती है? - ECG (Electrocardiogram) - Holter Monitor (24-घंटे की रिकॉर्डिंग) - Echocardiogram (दिल की संरचना देखने के लिए) - Blood Tests (थायरॉयड और इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए) 💊 इलाज: - दवाइयाँ: धड़कन को कंट्रोल करने और स्ट्रोक से बचाव के लिए - Beta blockers, Calcium channel blockers - Anticoagulants (blood thinners – जैसे Warfarin या DOACs) - Cardioversion: इलेक्ट्रिक शॉक द्वारा नॉर्मल रिदम लाना - Ablation Therapy: असामान्य सिग्नल के स्रोत को हटाना - Lifestyle बदलाव: नमक और शराब कम, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण 💡 Atrial Fibrillation का समय पर इलाज करने से Stroke और दिल की विफलता से बचाव संभव है। ECG जांच ज़रूर करवाएं अगर दिल की धड़कन अनियमित लगे।